एक मिसाल बना राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय चोपता, मूलभूत सुविधायें न होने के बावजूद बच्चों की राष्ट्रीय स्तर पर धमक

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एक मिसाल बना राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय चोपता, मूलभूत सुविधायें न होने के बावजूद बच्चों की राष्ट्रीय स्तर पर धमक

हिमालय संवाद चमोली डेस्क। नारायणबगड़ ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित दुर्गम क्षेत्र का राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय चोपता सीमित संसाधनों के बावजूद छात्रों के सर्वांगीण विकास की मिसाल बन गया है। खेल मैदान के अभाव में भी यह विद्यालय लगातार तीसरे वर्ष मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति योजना में चयनित बच्चों के दम पर क्षेत्र में गौरव का केंद्र बन गया है।

विद्यालय को वर्ष 2015-16 में ग्राम तुनेड़ा निवासी भूमि दानदाता हरेंद्र सिंह रावत द्वारा बच्चों के खेल मैदान हेतु लगभग डेढ़ नाली भूमि दान में दी गई थी, लेकिन आज तक मैदान का विकास नहीं हो पाया है। इसके बावजूद भी विद्यालय ने प्रतिभा का परचम फहराना जारी रखा है।

  • उल्लेखनीय उपलब्धियां: सत्र 2025-26 के लिए विद्यालय से तीन छात्रों —

1- अमनदीप पुत्र मनोज सिंह 2-वैष्णवी पुत्री सुनील कुमार 3-अरुण रावत पुत्र नरेंद्र सिंह का चयन मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना में हुआ है।

पिछले वर्षों में भी निरंतर सफलता मिलती रही है:
2022-23: शिवम सिंह, इशिका
2023-24: आदित्य, अमनदीप
2024-25: अमनदीप, हंसू

अब तक कुल 9 छात्र-छात्राएं इस योजना के अंतर्गत चयनित हो चुके हैं। योजना के तहत चयनित बच्चों को प्रतिमाह ₹1500 की छात्रवृत्ति प्राप्त होती है, जो खेल क्षेत्र में उनकी प्रतिभा को और निखारने में सहायक बन रही है।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नरेंद्र भंडारी ने जानकारी दी कि इस बार भी पांच छात्र-छात्राओं ने जिला स्तर तक पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें से तीन का अंतिम चयन हुआ है।

विद्यालय की इस उपलब्धि पर शिक्षकगण गजपाल सिंह नेगी, परमानंद सती, अंजलि रतूड़ी, मीनाक्षी रावत, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र रावत,प्रधान एडवोकेट पृथ्वी सिंग नेगी ,अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अनिनाथ ने भी विद्यालय की इस निरंतर उपलब्धियों पर प्रसन्नता जाहिर की और इसे संपूर्ण क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया।

अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां:
विद्यालय के छात्र-छात्राएं विगत वर्षों में हिम ज्योति विद्यालय देहरादून, नवोदय विद्यालय पीपलकोटी, राजीव गांधी विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में चयनित होते आ रहे हैं, साथ ही प्रदेश व जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में भी लगातार भागीदारी निभा रहे हैं।

बावजूद अभावों के, एक प्रेरक प्रयास…
बिना विकसित खेल मैदान के भी इस विद्यालय के बच्चों की निरंतर सफलता यह संदेश देती है कि समर्पित शिक्षक, जागरूक अभिभावक और छात्र मिलकर किसी भी संसाधन की कमी को मात दे सकते हैं। यह विद्यालय आज वास्तव में एक आदर्श बनकर उभरा है।

रिपोर्ट – सुरेन्द्र धनेत्रा

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