वाइज़ फिनसर्व ने ओएनजीसी के साथ मिलकर सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय योजना पर सेमिनार किया आयोजित

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Wise Finserv in association with ONGC organises seminar on post-retirement financial planning

हिमालय संवाद डेस्क। वाइज़ फिनसर्व ने ओएनजीसी के साथ मिलकर जीईओपिक सेंटर में अपने शीघ्र सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय प्रबंधन पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और रणनीतियाँ प्रदान करना था।

मुख्य वक्ता थे अजय यादव, वाइज़ फिनसर्व (प्राइवेट वेल्थ) के ग्रुप सीईओ, जो नोएडा स्थित एक वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी का नेतृत्व करते हैं। अपने विस्तृत सत्र में यादव ने सेवानिवृत्ति के बाद की सावधानीपूर्वक वित्तीय योजना की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने असूचित निवेश निर्णयों के जोखिमों और साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों की ओर भी ध्यान दिलाया, जो विशेष रूप से सेवानिवृत्त लोगों को निशाना बनाते हैं।

यादव ने कहा, “सेवानिवृत्ति के बाद फंड प्रबंधन एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है। जब नियमित आय बंद हो जाती है, तब सेवानिवृत्त व्यक्तियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनकी बचत सुरक्षित भी रहे और मुद्रास्फीति के अनुसार बढ़े भी। बिना उचित मार्गदर्शन के निवेश निर्णय गंभीर वित्तीय परिणाम ला सकते हैं।

उन्होंने प्रतिभागियों को “लालच के जाल” से बचने की चेतावनी दी—ऐसी धोखाधड़ी योजनाएं जो ऊँचे रिटर्न का झांसा देती हैं और आमतौर पर बड़ी सेवानिवृत्ति राशि प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाती हैं। श्री यादव ने एक संतुलित निवेश रणनीति की सिफारिश की, जो एक पिरामिड के रूप में संरचित हो: जिसका मजबूत आधार सरकारी बॉन्ड्स और डाकघर योजनाओं जैसे सुरक्षित साधनों में हो, और एक छोटा हिस्सा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) में लगाया जाए।

यादव ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और उसमें हाल ही में शुरू किए गए एसएलडब्ल्यू (सिस्टमैटिक लंप-सम विदड्रॉल) विकल्प पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी पूरी PRBS (पोस्ट-रिटायरमेंट बेनिफिट स्कीम) राशि को NPS में ट्रांसफर कर सकते हैं—40% अनिवार्य वार्षिकी (annuity) में और शेष 60% को SLW के माध्यम से कर-मुक्त नियमित आय उत्पन्न करने में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को सलाह दी कि ऐसे निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

उन्होंने “एक्टिव मोड” में NPS के लाभों को रेखांकित करते हुए बताया कि अधिक इक्विटी आवंटन से दीर्घकालिक रिटर्न में काफी वृद्धि हो सकती है।

इस सेमिनार में देशभर से आए ओएनजीसी के 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका आयोजन ओएनजीसी दिल्ली के ग्रुप जनरल मैनेजर (HR) अनिल बहुगुणा के नेतृत्व में किया गया और इसका संचालन एचआर मैनेजर सुश्री जगदीश कौर ने किया।

वाइज़ फिनसर्व की ओर से प्रेसिडेंट पवन कुमार सिंह और डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुराग अस्थाना ने प्रतिभागियों के सवालों के उत्तर दिए और विभिन्न वित्तीय उत्पादों एवं सेवाओं पर जानकारी दी। चीफ मैनेजर सुश्री गर्गी परिहार ने आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों का सक्रिय सहयोग और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव और अजय यादव को उनके ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक संबोधन के लिए स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।

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